रसोई घर का वास्तु: किस दिशा में हो रसोई
वास्तु के अनुसार रसोई घर के लिए सबसे अच्छी जगह आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व मानी जाती है, जिसे अग्नि का कोना कहा जाता है। जहां यह संभव न हो, वहां वायव्य कोण यानी उत्तर-पश्चिम को दूसरा विकल्प माना जाता है। अलग-अलग वास्तु जानकारों की राय में छोटे अंतर होते हैं, इसलिए इसे परंपरा की आम सीख की तरह लें।
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रसोई किस दिशा में हो
परंपरा में घर के हर कोने को एक तत्व से जोड़ा जाता है। दक्षिण-पूर्व को अग्नि का कोना माना जाता है, इसलिए ज्यादातर ग्रंथ चूल्हे और रसोई को यहीं रखने की बात करते हैं। मयमतम और बृहत्संहिता जैसे ग्रंथों का हवाला इसके लिए दिया जाता है।
उत्तर-पश्चिम यानी वायव्य को वायु का कोना माना जाता है, और यहां रसोई को स्वीकार्य माना जाता है। कई वास्तु जानकार ईशान कोण (उत्तर-पूर्व), नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) और उत्तर में रसोई से बचने को कहते हैं।
| दिशा | पारंपरिक राय | टिप्पणी |
|---|---|---|
| दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) | सबसे अच्छी मानी जाती है | अग्नि का कोना |
| उत्तर-पश्चिम (वायव्य) | स्वीकार्य | दूसरा विकल्प |
| उत्तर-पूर्व (ईशान) | टाली जाती है | जल का कोना |
| दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) | टाली जाती है | पृथ्वी का कोना |
| उत्तर | टाली जाती है |
रसोई के अंदर चूल्हा और सिंक
आम सलाह यह है कि खाना बनाते समय मुंह पूर्व की ओर रहे। इसके लिए चूल्हा प्लेटफॉर्म पर इस तरह रखें कि उसके सामने खड़े होने पर आप पूर्व की ओर देखें।
सिंक को रसोई के उत्तर-पूर्व हिस्से में और चूल्हे से दूर रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि परंपरा में पानी और आग को अलग रखा जाता है।
रोशनी, हवा और सफाई
VastuLive के नियमों में रसोई के लिए कोई तय रंग नहीं है। हल्के और आसानी से साफ होने वाले रंग व्यावहारिक रहते हैं।
खिड़की और एग्जॉस्ट फैन वाली रसोई में काम करना किसी भी दिशा में आसान होता है। यह बात वास्तु से अलग, हर घर के लिए समझदारी की है।
कमरा मेल न खाए तो
इनमें निर्माण का कोई काम नहीं है।
- रसोई गलत दिशा में हो तो भी चूल्हे को रसोई के अपने दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखें।
- प्लेटफॉर्म को ऐसे जमाएं कि खाना बनाते समय मुंह पूर्व की ओर रहे, और सिंक चूल्हे से दूर उत्तर-पूर्व की तरफ हो।
- रसोई को साफ और खुला रखें, खिड़की या एग्जॉस्ट फैन चालू रखें, खासकर ईशान या नैऋत्य वाली रसोई में।
- भारी सामान और बड़ा फ्रिज रसोई की दक्षिण या पश्चिम दीवार की तरफ रखें।
- सिर्फ वास्तु के लिए रसोई तोड़कर दूसरी जगह न बनवाएं। गैस, पाइप या ढांचे के काम के लिए योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।
VastuLive में
VastuLive में नक्शा अपलोड करने, फोटो लेने या स्केच बनाने पर ऐप रसोई, मुख्य द्वार और उत्तर का निशान पढ़ता है, और उत्तर पक्का न हो तो आपसे पूछता है। रिपोर्ट में रसोई का नतीजा उसके नियम और आधार के साथ मिलता है, जिसे PDF में निकाल सकते हैं।
देखें ऐप कैसे काम करता हैसवाल
रसोई के लिए सबसे अच्छी दिशा कौन सी है?
ज्यादातर ग्रंथ दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण को सबसे अच्छा मानते हैं। उत्तर-पश्चिम को आम तौर पर दूसरा विकल्प माना जाता है।
खाना बनाते समय मुंह किस तरफ हो?
आम सलाह पूर्व की ओर मुंह करने की है। चूल्हा उसी हिसाब से रखें।
क्या उत्तर-पश्चिम रसोई में वास्तु दोष है?
नहीं, नियमों में उत्तर-पश्चिम यानी वायव्य को रसोई के लिए स्वीकार्य माना गया है। इसमें चूल्हे की जगह और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
रसोई में सिंक कहां रखें?
रसोई के उत्तर-पूर्व हिस्से में, चूल्हे से दूर।
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यह पारंपरिक वास्तु ग्रंथों और परंपरा पर आधारित है। परंपराओं में अंतर होता है, और यहां कुछ भी किसी नतीजे का वादा नहीं करता। निर्माण, कानूनी या सुरक्षा के सवालों के लिए किसी योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।