पूजा घर वास्तु: दिशा और जगह

वास्तु के अनुसार पूजा घर के लिए सबसे अच्छी जगह ईशान कोण यानी घर का उत्तर-पूर्व कोना मानी जाती है, और उत्तर या पूर्व को भी अच्छा माना जाता है। दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण में पूजा घर से परंपरा में बचने को कहा जाता है। यह ज्यादातर ग्रंथों की आम राय है, अलग-अलग परिवारों की परंपरा भी अलग हो सकती है।

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पीतल के दीये और फूलों वाला घर का पूजा स्थान
फोटो: Yan Krukau / Pexels

पूजा घर की दिशा

ईशान कोण को परंपरा में जल तत्व का कोना माना जाता है और इसे घर का सबसे पवित्र हिस्सा कहा जाता है। इसलिए पूजा घर या मंदिर के लिए पहली पसंद यही कोना है।

उत्तर और पूर्व को भी पूजा घर के लिए अच्छा माना जाता है। नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) और दक्षिण में पूजा घर को ज्यादातर वास्तु जानकार टालने को कहते हैं।

पूजा घर की दिशा, पारंपरिक मान्यता के अनुसार
दिशा या जगहपारंपरिक राय
उत्तर-पूर्व (ईशान)सबसे अच्छी मानी जाती है
उत्तरअच्छी मानी जाती है
पूर्वअच्छी मानी जाती है
दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)टाली जाती है
दक्षिणटाली जाती है
सीढ़ियों के नीचे, बेडरूम में, टॉयलेट की दीवार से सटाटाला जाता है

पूजा करते समय मुंह किस ओर हो

आम सलाह है कि पूजा करने वाले का मुंह पूर्व या उत्तर की ओर रहे। मंदिर या चौकी को इस तरह रखें कि सामने बैठने पर यह संभव हो।

पूजा घर कहां न बनाएं

परंपरा में पूजा घर को सीढ़ियों के नीचे, बेडरूम के अंदर, या टॉयलेट से सटी दीवार पर न बनाने की सलाह दी जाती है।

छोटे फ्लैट में अलग कमरा न हो तो लिविंग रूम के उत्तर-पूर्व कोने में दीवार पर लगा छोटा मंदिर भी कई परिवार रखते हैं।

कमरा मेल न खाए तो

इनमें निर्माण का कोई काम नहीं है।

  • पूजा की चौकी या मंदिर को कमरे के उत्तर-पूर्व कोने में रखें, भले ही पूजा घर किसी और दिशा में हो।
  • मंदिर को ऐसे घुमाएं कि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर की ओर रहे।
  • पूजा घर टॉयलेट की दीवार से सटा हो तो मंदिर को उस दीवार से हटाकर दूसरी दीवार पर रखें।
  • पूजा की जगह साफ, रोशन और सामान से खाली रखें, वहां पुराना सामान जमा न करें।

VastuLive में

VastuLive नक्शे में पूजा घर और उत्तर का निशान पढ़ता है, और पक्का न हो तो आपसे कमरे की पुष्टि करवाता है। रिपोर्ट में पूजा घर का नतीजा नियम और आधार के साथ और बिना तोड़फोड़ वाले सुझाव मिलते हैं।

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सवाल

पूजा घर किस दिशा में होना चाहिए?

परंपरा में उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण सबसे अच्छा माना जाता है। उत्तर और पूर्व भी अच्छे माने जाते हैं।

क्या बेडरूम में मंदिर रख सकते हैं?

परंपरा में बेडरूम के अंदर पूजा घर न बनाने की सलाह दी जाती है। जगह कम हो तो लिविंग रूम का उत्तर-पूर्व कोना एक विकल्प है।

पूजा करते समय मुंह किस दिशा में हो?

आम सलाह पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करने की है।

क्या रसोई में पूजा घर बना सकते हैं?

VastuLive के नियमों में इसका कोई अलग नियम नहीं है। अलग-अलग परिवार इसे अलग तरह से मानते हैं, इसलिए दिशा के मुख्य नियम का ध्यान रखें।

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यह पारंपरिक वास्तु ग्रंथों और परंपरा पर आधारित है। परंपराओं में अंतर होता है, और यहां कुछ भी किसी नतीजे का वादा नहीं करता। निर्माण, कानूनी या सुरक्षा के सवालों के लिए किसी योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।