वास्तु शास्त्र क्या है
वास्तु शास्त्र घर और इमारतें बनाने की एक पारंपरिक भारतीय पद्धति है, जो बताती है कि कौन सा कमरा, दरवाजा या सामान किस दिशा में रखा जाए। इसके असर आस्था और परंपरा का विषय हैं, किसी वैज्ञानिक प्रमाण से साबित नहीं। फिर भी इसकी कुछ आम बातें, जैसे अच्छी रोशनी और हवा, किसी भी घर के लिए समझदारी की हैं।
2 मिनट में पढ़ें ·

शब्द का अर्थ और ग्रंथ
वास्तु का अर्थ है घर या रहने की जगह, और शास्त्र का अर्थ है ज्ञान की परंपरा। मयमतम, मानसार, विश्वकर्मा प्रकाश और बृहत्संहिता जैसे ग्रंथों में इसके नियम मिलते हैं।
इन ग्रंथों और अलग-अलग इलाकों की परंपराओं में कई बातों पर मतभेद है, इसलिए एक ही घर पर दो वास्तु जानकारों की राय अलग हो सकती है।
| दिशा | संस्कृत नाम | पारंपरिक तत्व |
|---|---|---|
| उत्तर | उत्तर | |
| उत्तर-पूर्व | ईशान | जल |
| पूर्व | पूर्व | |
| दक्षिण-पूर्व | आग्नेय | अग्नि |
| दक्षिण | दक्षिण | |
| दक्षिण-पश्चिम | नैऋत्य | पृथ्वी |
| पश्चिम | पश्चिम | |
| उत्तर-पश्चिम | वायव्य | वायु |
| घर का बीच | ब्रह्मस्थान | आकाश |
आठ दिशाएं और पांच तत्व
वास्तु घर को आठ दिशाओं में बांटता है: उत्तर, ईशान कोण (उत्तर-पूर्व), पूर्व, आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व), दक्षिण, नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम), पश्चिम और वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम)। घर के बीच के हिस्से को ब्रह्मस्थान कहते हैं।
आम तौर पर सिखाया जाता है कि ईशान जल का, आग्नेय अग्नि का, नैऋत्य पृथ्वी का और वायव्य वायु का कोना है, और बीच का हिस्सा आकाश का। इसी से नियम बनते हैं, जैसे रसोई आग्नेय में और पूजा घर ईशान में।
विज्ञान और आस्था
वास्तु के असर, जैसे सेहत, धन या रिश्तों पर, किसी वैज्ञानिक अध्ययन से साबित नहीं हैं। इसे मानना या न मानना व्यक्तिगत आस्था का मामला है।
अलग से देखें तो खिड़कियों से दिन की रोशनी, हवा का आना-जाना और साफ-सुथरा घर हर किसी के लिए अच्छा है, चाहे कोई वास्तु माने या न माने।
कमरा मेल न खाए तो
इनमें निर्माण का कोई काम नहीं है।
- अगर घर वास्तु के नियमों से मेल न खाए, तो पहले सामान की जगह, सफाई और रोशनी जैसे बिना तोड़फोड़ वाले बदलाव देखें।
- किसी भी नियम के लिए दीवार तोड़ने से पहले योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।
- महंगे यंत्र, रत्न या पूजा खरीदने का दबाव हो तो रुकें। इनका असर आस्था का विषय है।
VastuLive में
VastuLive आपके घर के नक्शे को इन्हीं पारंपरिक नियमों से मिलाकर स्कोर और हर कमरे का नतीजा, नियम और आधार के साथ, दिखाता है। ऐप हिंदी समेत दस भारतीय भाषाओं में चलता है।
देखें ऐप कैसे काम करता हैसवाल
क्या वास्तु शास्त्र विज्ञान है?
नहीं, यह एक पारंपरिक पद्धति है और इसके असर वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हैं। रोशनी और हवा जैसी कुछ बातें अलग से भी समझदारी की हैं।
वास्तु शास्त्र के मुख्य ग्रंथ कौन से हैं?
मयमतम, मानसार, विश्वकर्मा प्रकाश और बृहत्संहिता जैसे ग्रंथों का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है।
क्या ज्योतिष से घर का वास्तु बदलता है?
VastuLive में जन्म कुंडली से घर का वास्तु स्कोर नहीं बदलता। दोनों अलग विषय हैं।
आगे पढ़ें
यह पारंपरिक वास्तु ग्रंथों और परंपरा पर आधारित है। परंपराओं में अंतर होता है, और यहां कुछ भी किसी नतीजे का वादा नहीं करता। निर्माण, कानूनी या सुरक्षा के सवालों के लिए किसी योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।