वास्तु दोष क्या होता है और कैसे पहचानें

वास्तु दोष का मतलब है घर में किसी कमरे, दरवाजे या भारी सामान का उस दिशा में होना जिसे परंपरा में टाला जाता है, जैसे ईशान कोण में टॉयलेट या रसोई। इसे पहचानने के लिए नक्शे पर सही उत्तर दिशा तय करें और हर कमरे की दिशा को पारंपरिक नियमों से मिलाएं। ज्यादातर दोषों के लिए वास्तु जानकार पहले बिना तोड़फोड़ वाले उपाय सुझाते हैं।

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मेज पर फैला घर का नक्शा
फोटो: SHVETS production / Pexels

वास्तु दोष कैसे पहचानें

सबसे पहले कम्पास से घर की सही उत्तर दिशा देखें और नक्शे पर लगाएं। फिर नक्शे के बीच से आठ दिशाएं बनाएं और देखें कि हर कमरा किस दिशा में पड़ता है।

जिस कमरे की दिशा नीचे दी गई तालिका में टाली जाने वाली दिशाओं में आती है, उसे परंपरा में दोष माना जाता है। लोग दोष को घर की परेशानियों से जोड़कर लक्षण की तरह देखते हैं, पर ऐसे किसी संबंध का कोई प्रमाण नहीं है, इसलिए नक्शे से ही जांच करें।

किस कमरे के लिए कौन सी दिशा परंपरा में टाली जाती है
कमरापारंपरिक रूप से टाली जाने वाली दिशा
रसोईईशान, नैऋत्य, उत्तर
मास्टर बेडरूमईशान, आग्नेय
टॉयलेटईशान, नैऋत्य, घर का बीच
मुख्य द्वारनैऋत्य, आग्नेय, दक्षिण
पूजा घरनैऋत्य, दक्षिण
सीढ़ियांईशान, घर का बीच

सबसे आम वास्तु दोष

नियमों में कुछ दोष बार-बार मिलते हैं। ये ज्यादातर ग्रंथों की आम सूची है, अलग परंपराओं में इसमें बदलाव हो सकता है।

  • ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में टॉयलेट, रसोई, सीढ़ी या स्टोर रूम।
  • नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) में टॉयलेट, पूजा घर या मुख्य द्वार।
  • घर के बीच, यानी ब्रह्मस्थान, में टॉयलेट, सीढ़ी या भारी निर्माण।
  • आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में मास्टर बेडरूम या मुख्य द्वार।
  • ईशान या उत्तर में ऊपर की पानी की टंकी।

दोष हो तो क्या करें

ज्यादातर मामलों में पहले कमरे के अंदर का सामान ठीक किया जाता है, जैसे चूल्हा, बेड या पूजा की चौकी की जगह, और घर के बीच व मुख्य द्वार को खुला और रोशन रखना।

कुछ लोग वास्तु दोष निवारण यंत्र या मंत्र का सहारा लेते हैं, और उनका असर आस्था का विषय है। ढांचे से जुड़ा कोई भी बदलाव योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर की सलाह से ही करें।

कमरा मेल न खाए तो

इनमें निर्माण का कोई काम नहीं है।

  • रसोई गलत दिशा में हो तो चूल्हे को रसोई के अपने दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखें।
  • ईशान या नैऋत्य वाला टॉयलेट साफ, सूखा और बंद रखें, और उसकी दीवार से पूजा की जगह हटाएं।
  • घर के बीच वाले हिस्से से भारी सामान और कबाड़ हटाएं।
  • मुख्य द्वार पर अच्छी रोशनी और खुला रास्ता रखें।
  • दीवार या कमरा बदलने से पहले योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर और स्थानीय प्राधिकरण से पूछें।

VastuLive में

VastuLive में नक्शा अपलोड करें, फोटो लें या स्केच बनाएं। ऐप कमरे, मुख्य द्वार और उत्तर का निशान पढ़कर स्कोर देता है, हर कमरे का नतीजा नियम और आधार के साथ दिखाता है, और बिना तोड़फोड़ वाले सुझाव देता है।

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सवाल

वास्तु दोष क्या होता है?

जब कोई कमरा, दरवाजा या भारी सामान उस दिशा में हो जिसे परंपरा में टाला जाता है, तो उसे वास्तु दोष कहते हैं।

क्या वास्तु दोष के लक्षण होते हैं?

कई लोग घर की परेशानियों को वास्तु दोष से जोड़ते हैं, पर इसका कोई प्रमाण नहीं है। दोष की पहचान नक्शे और दिशाओं से ही होती है।

क्या हर वास्तु दोष के लिए तोड़फोड़ जरूरी है?

नहीं। वास्तु जानकार ज्यादातर दोषों के लिए पहले सामान की जगह बदलने, सफाई और रोशनी जैसे उपाय सुझाते हैं।

सबसे बड़ा वास्तु दोष कौन सा माना जाता है?

कई परंपराओं में ईशान कोण में टॉयलेट और घर के बीच में टॉयलेट या सीढ़ी को गंभीर दोष माना जाता है।

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यह पारंपरिक वास्तु ग्रंथों और परंपरा पर आधारित है। परंपराओं में अंतर होता है, और यहां कुछ भी किसी नतीजे का वादा नहीं करता। निर्माण, कानूनी या सुरक्षा के सवालों के लिए किसी योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।