उत्तर मुखी घर वास्तु

उत्तर मुखी घर वह है जिसका मुख्य द्वार उत्तर दिशा की ओर खुलता है, और परंपरा में उत्तर को मुख्य द्वार के लिए अच्छी दिशा माना जाता है। ज्यादातर वास्तु जानकार यह भी कहते हैं कि कोई भी दिशा अपने आप में घर को अच्छा या बुरा नहीं बनाती। असली फर्क इससे पड़ता है कि उत्तर की दीवार पर दरवाजा कहां है और रसोई, बेडरूम व टॉयलेट किस दिशा में हैं।

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गली की ओर खुलते दरवाजे वाला भारतीय घर
फोटो: Jonayed Khan / Unsplash

घर उत्तर मुखी है या नहीं, कैसे जानें

घर के अंदर मुख्य दरवाजे के पास खड़े होकर बाहर की ओर देखें और कम्पास पढ़ें। अगर आपका मुंह उत्तर की ओर है, तो घर उत्तर मुखी है। घर की दिशा मुख्य द्वार से तय होती है, भले ही सड़क या बालकनी किसी और तरफ हो।

उत्तर मुखी घर में कमरों की पारंपरिक जगह (अंदर से दरवाजे की ओर पीठ करके देखने पर)
कमरापसंद की दिशाघर में आम तौर पर कहां
मुख्य द्वारउत्तर या ईशानसामने की दीवार, बीच से पूर्व की ओर
लिविंग रूम, पूजा घरउत्तर-पूर्व, उत्तर, पूर्वआगे का हिस्सा
रसोईदक्षिण-पूर्व (आग्नेय)पीछे बाईं ओर
मास्टर बेडरूमदक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)पीछे दाईं ओर
टॉयलेटउत्तर-पश्चिम (वायव्य)आगे दाईं ओर

उत्तर की दीवार पर दरवाजा कहां हो

उत्तर की दीवार का पूर्वी हिस्सा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) की तरफ होता है, और नियमों में उत्तर और ईशान दोनों को मुख्य द्वार के लिए अच्छा माना जाता है।

उत्तर की दीवार का पश्चिमी छोर वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) की तरफ होता है, जो नियमों में मुख्य द्वार की पसंद वाली दिशाओं में नहीं गिना जाता। इसलिए उत्तर मुखी घर में भी यह देखना जरूरी है कि दरवाजा दीवार पर कहां है।

उत्तर मुखी घर का वास्तु नक्शा

मुख्य द्वार से घर में घुसते समय आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) आम तौर पर पीछे बाईं ओर पड़ता है, जहां रसोई के लिए पसंद की जगह है। नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) पीछे दाईं ओर होता है, जो मास्टर बेडरूम के लिए अच्छा माना जाता है।

आगे का उत्तर-पूर्व हिस्सा लिविंग रूम या पूजा घर के लिए अच्छा माना जाता है। टॉयलेट के लिए उत्तर-पश्चिम की सलाह दी जाती है, और ईशान व घर के बीच में उससे बचा जाता है।

कमरा मेल न खाए तो

इनमें निर्माण का कोई काम नहीं है।

  • दरवाजा वायव्य की तरफ हो तो उस पर अच्छी रोशनी रखें और रास्ता खुला और साफ रखें।
  • उत्तर और पूर्व की तरफ भारी सामान न रखें, खिड़कियां खुली और हल्के पर्दे रखें।
  • रसोई आग्नेय में न हो तो भी चूल्हे को रसोई के दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखें।
  • दरवाजे की जगह बदलने से पहले योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर और स्थानीय प्राधिकरण से पूछें।

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VastuLive नक्शे से मुख्य द्वार और उत्तर का निशान पढ़ता है, उत्तर पक्का न हो तो आपसे पूछता है, और फिर हर कमरे का नतीजा नियम और आधार के साथ देता है।

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सवाल

क्या उत्तर मुखी घर शुभ होता है?

परंपरा में उत्तर को मुख्य द्वार के लिए अच्छी दिशा माना जाता है। पर सिर्फ दिशा से घर अच्छा या बुरा नहीं होता, कमरों की जगह भी देखी जाती है।

उत्तर मुखी घर में रसोई कहां हो?

परंपरा में दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण, जो घर में घुसते समय आम तौर पर पीछे बाईं ओर पड़ता है। उत्तर-पश्चिम दूसरा विकल्प है।

क्या कोई दिशा वाला घर बुरा होता है?

नहीं, ज्यादातर वास्तु जानकार मानते हैं कि घर की दिशा अकेले उसे बुरा नहीं बनाती। दरवाजे की स्थिति और कमरों की जगह ज्यादा मायने रखती है।

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यह पारंपरिक वास्तु ग्रंथों और परंपरा पर आधारित है। परंपराओं में अंतर होता है, और यहां कुछ भी किसी नतीजे का वादा नहीं करता। निर्माण, कानूनी या सुरक्षा के सवालों के लिए किसी योग्य आर्किटेक्ट या इंजीनियर से पूछें।